उज्ज्वला योजना: सिलेंडर पर पड़ी महंगाई की मार, दोबारा नहीं भराए लोगों ने सिलेंडर

उज्ज्वला योजना: सिलेंडर पर पड़ी महंगाई की मार, दोबारा नहीं भराए लोगों ने सिलेंडर
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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से लाखों लोगो के चेहरों पर मुस्कान साफ देखने मिली को थी। वहीं अब यह मुस्कान चिंता की लकीरों में बदलती नजर आ रही है। बता दें इसका कारण एलपीजी के दाम में बड़ोती है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर एलपीजी के दाम के बढ़ने का प्रभाव ऐसा पड़ा की उज्ज्वला योजना के 25 फीसदी लाभार्थियों ने दोबारा कभी सिलेंडर ही नहीं भरवाया। बढ़ते दामों से परेशान लाभार्थी कोयला,लकड़ी जैसे अशुद्ध ईंधन का इस्तेमाल करने पर मजबूर हो गए हैं। एसबीआई रिसर्च की हालही में आई इकोप्रैप रिपोर्ट में यह बताया गया है। 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

एलपीजी में 6 महीने में बड़े 285 रुपये

एसबीआई की रिसर्च के दौरान दिसंबर 2018 तक 5.92 करोड़  बांटे गए कनेक्शनों और तीन जून, 2019 तक दोबारा भराए गए सिलेंडरों के राज्यवार डेटा का विश्लेषण किया गया। रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अगस्त 2019 में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 575 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो कि फरवरी 2020 तक बढ़कर 859 रुपये हो गई है। सिर्फ 6 महीनो में ही एलपीजी सिलेंडर 284 रुपये महंगे हो गए हैं।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में दोबारा नहीं भरवाए लोगों ने अपने सिलेंडर्स

प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना से देशभर में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता की समस्या का समाधान तो कर दिया है, लेकिन एलपीजी के बढ़ते दामों कि वजह से दोबारा  सिलेंडर न भराए जाने की समस्या बनी हुई है। साथ ही इस समस्या को सुलझाने के लिए रिसर्च में उ कुछ पा  उपाय सुझाए गए हैं जिसमें से एक है। चुनिंदा परिवारों को हर साल मुफ्त में 4 सिलेंडर दिए जाए।