दोषियों की फांसी रोकने पर बोली निर्भया की माँ, वकील की आँखो में भी आ गए आंसू

दोषियों की फांसी रोकने पर बोली निर्भया की माँ, वकील की आँखो में भी आ गए आंसू
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नई दिल्ली:

निर्भया रेप केस के दोषियों अक्षय ठाकुर , विनय शर्मा, मुकेश सिंह और पवन गुप्ता को 1 फरवरी को फांसी दी जानी थी, लेकिन पटियाला कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए चारों की फांसी पर रोक लगा दी है। दरअसल निभाया के चारों दोषियों को कल सुबह 7 बजे फांसी दी जानी थी , लेकिन आज कोर्ट ने नया आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर निर्भया की माँ काफी भावुक हो गईं है और रोते हुए कहा कि दोषियों के वकील ने मुझे चुनौती दी थी कि यह फांसी मैं अनंतकाल तक नहीं होने दूंगा। उन्होंने अपनी बातों को सही साबित कर दिया है। निर्भया की माँ का कहना है।अब तो ऐसा लग रहा है जैसे सभी लोग मुजरिमों का साथ दे रहे हैं। आखिर मुजरिम जो चाहते थे वो ही हो रहा है।

जब निर्भया की मां से पूछा गया कि आपका विश्वास अब कानून से उठ गया है तो उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। लेकिन सरकार और कोर्ट को इस बात पर विचार करना चाहिए।साथ ही निर्भया का पक्ष रखने वाली वकील कि आँखो से भी आंसू छलक गए और उन्होंने कहा कि कोर्ट के में काफी देरी हो रही है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब तक निर्भया के चारो दोषियों को फांसी नहीं हो जाती वो हार नहीं मानेंगी।

क्यों रोकी गई कल की फांसी?

वहीं इससे पहले दोषियों की कई याचिकाओं को खारिज़ किया जा चुका है, दोषी पवन ने अपराध के समय अपनी उम्र छोटी होने का हवाला देते हुए 20 जनवरी को पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी,जिसको सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। हालांकि अभी पवन के पास क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका बची हैं

विनय के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि डेट वारंट पर रोक लगा दी जाए, वहीं तिहाड़ जेल ने कहा कि आज कोई अर्ज़ी पेंडिंग नहीं है सिर्फ विनय की दया याचिका लंबित है और इसलिए विनय को छोड़ कर बाकि दशियों को फांसी दी जा सकती है। इस पर वकील कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में पवन की पुर्नविचार याचिका पेंडिंग में है और अक्षय की कियूरेटिव  याचिका कल ही ख़ारिज हुई है । हम आदेश मिलने के बाद राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजेंगे, और ये भी कहा कि जेल का मैन्यूअल भी यही कहता है कि अगर किसी एक दोषी की भी याचिका पेंडिंग है तो बाकी किसी को फांसी नहीं दी जानी चाहिए।